हाल ही में, जापान की राजधानी टोक्यो में क्वाड शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था जहाँ भारतीय प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय वार्तायें की…
क्वाड का अर्थ है क्वाडिलैटरल सिक्योरिटी डॉयलॉग। क्वाड के चार सदस्य देश अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया हैं। इसका मुख्य उद्देश्य स्वतंत्र, खुले, समृद्ध और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिये कार्य करना है।
इसके अलावा क्वाड का लक्ष्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री मार्गों को किसी भी सैन्य या राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखना है। इसे मूल रूप से चीनी वर्चस्व को कम करने के लिये एक रणनीतिक समूह के रूप में देखा जाता है।
पृष्ठभूमि:
दिसंबर 2004 में सुनामी के बाद जापान, ऑस्ट्रेलिया, भारत और अमेरिका ने एक कोर ग्रुप बनाया था जिसका उद्देश्य इंटरनैशनल कम्युनिटी के सपोर्ट को लीड करना था।
2007 में जापान ने इस अनौपचारिक समूह को औपचारिक बनाने का विचार रखा, जब इस समूह को औपचारिक रूप दिया गया तब चीन और रूस ने इसका विरोध किया था। विदित है कि जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे वर्ष 2007 में क्वाड के गठन का विचार रखने वाले पहले व्यक्ति थे।
लगभग एक दशक तक निष्क्रिय रहने के पश्चात् इस समूह को वर्ष 2017 में पुनर्जीवित किया गया, जो चीन के बढ़ते प्रभाव के चलते इस क्षेत्र में बदलते परिदृश्य को दर्शाता है।
अन्य तथ्य :
हाल ही में “क्वाड-प्लस” बैठकें भी आयोजित की गयी हैं जिनमें दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड और वियतनाम शामिल थे, ये भविष्य में इस समूह के विस्तार का आधार बन सकते हैं।
विदित है कि क्वाड की वर्ष 2021 की बैठक संयुक्त राज्य अमेरीका के वाशिंगटन में आयोजित की गई थी, जबकि अगले वर्ष की बैठक ऑस्ट्रेलिया में संपन्न की जाएगी।