चर्चा में क्यों : हाल ही में कुछ फर्जी वेबसाइटों द्वारा स्वयं को पीएम-कुसुम के लिए पंजीकरण पोर्टल होने का दावा किया गया है और इसके जरिये लोगों से अवैध तरीके से धन एवं सूचनाएं एकत्र किये जा रहे हैं।
पीएम कुसुम योजना के बारे में : भारत सरकार ने फरवरी 2019 में पीएम-कुसुम योजना को मंजूरी दी थी। इसके अंतर्गत सोलर पम्प लगाने और कृषि पम्पों के सौरकरण के लिए सब्सिडी प्रदान की जाती है।
इस योजना में तीन घटक शामिल हैं:-
घटक-क : 2 मेगावाट तक की क्षमता के लघु सौर विद्युत संयंत्रों की स्थापना करके कुल 10,000 मेगावाट सौर क्षमता बढ़ाना ।
घटक-ख : 20 लाख स्टैण्ड-अलोन सौर विद्युत कृषि पंपों की स्थापना।
घटक-ग : 15 लाख वर्तमान ग्रिड-संबद्ध कृषि पंपों का सौरीकरण।
इस योजना के अंर्गत किसान 2 मेगावाट तक ग्रिड से जुड़े सौर विद्युत संयंत्र भी स्थापित कर सकते हैं।
योजना के लाभ :
सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली की सुनिश्चिता
डीजल पंपों को हटाकर सौर पंप लगाकर खेती के क्षेत्र को डीजल मुक्त करना
किसानों की आमदनी में बढ़ोत्तरी
राज्यों पर कृषि बिजली सब्सिडी के भार में कमी और डिस्कॉमों की वित्तीय हालत में सुधार
पर्यावरण अनुकूल सिंचाई
