हाल ही में जारी सड़क यातायात और राजमार्ग मंत्रालय के ट्रांसपोर्ट रीसर्च विंग की रिपोर्ट ‘रोड एक्सीडेन्ट्स इन इंडिया-2020’ के अनुसार 2016 के बाद से सड़क दुर्घटनाओं में गिरावट आई है। इस दौरान केवल 2018 में 0.46 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गयी थी…
रिपोर्ट के बारे में :
इस रिपोर्ट के आंकड़े/सूचनाओं को राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस विभागों से लिया गया है। रिपोर्ट को एशिया पैसेफिक रोड एक्सीडेंट डाटा (एपीआरएडी) बुनियादी परियोजना के तहत यूनाइटेड नेशंस इकोनॉमिक एंड सोशल कमीशन फॉर एशिया एंड दी पैसेफिक (यूएन-इस्केप) द्वारा उपलब्ध कराये गए मानकों के आधार पर तैयार किया गया है।
महत्त्वपूर्ण तथ्य :
सड़क दुर्घटनाओं के मामले में वर्ष 2019 की तुलना में वर्ष 2020 में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष के औसत को देखते हुये कुल दुर्घटनाओं में औसतन 18.46 प्रतिशत और दुर्घटनाओं में मारे जाने वाले लोगों की संख्या में 12.84 प्रतिशत की कमी आई है।
जानलेवा सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों में ज्यादातर युवा लोग रहे हैं, जो कामकाजी आयुवर्ग के थे। 18 से 45 आयुवर्ग के वयस्क पीड़ितों की संख्या 69 प्रतिशत रही है और दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले 87.4 प्रतिशत लोग कामकाजी समूह के 18 से 60 वर्ष आयुवर्ग के रहे हैं।
वर्ष 2020 में जिन प्रमुख राज्यों में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है, उन राज्यों में केरल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक शामिल हैं।
जिन प्रमुख राज्यों में वर्ष 2020 में सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है, उनमें तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और आंध्रप्रदेश शामिल हैं।
