चर्चा में क्यों : हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने ‘स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट इन 2021’ रिपोर्ट जारी की है…
रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2021 के दौरान, जलवायु परिवर्तन के चार प्रमुख संकेतकों – ग्रीनहाउस गैस, समुद्री जल स्तर, महासागर का तापमान और समुद्री अम्लीकरण अपने उच्चतम स्तर पर है।
ग्रीनहाउस गैस सघनता का स्तर वर्ष 2020 में 413.2 पार्ट्स प्रति मिलियन पहुंच गया जो अब तक का सर्वाधिक स्तर है। यह पूर्व-औद्योगिक काल (1850-1900) के स्तर की तुलना में 149% अधिक है।
ग्लोबल एनुअल एवरेज टेंपरेचर वर्ष 2021 में, पूर्व-औद्योगिक काल के औसत की तुलना में 1.11 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वर्ष 2015 से 2021, पिछले सात वर्षों ने अब तक के सर्वाधिक गर्म साल होने का रिकॉर्ड बनाया है।
महासागर के ताप अपने रिकॉर्ड स्तर पर हैं। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि पिछले दो दशकों में महासागरों के गर्म होने की दर बढ़ी है।
मानव-जनित कार्बन डाइऑक्साइड के कुल वैश्विक उत्सर्जन का 23% महासागरों द्वारा अवशोषित किया जा रहा है। इससे महासागर अम्लीकरण (Acidification) होता है और समुद्री जीवन व पारिस्थितिकी सेवाओं पर असर पड़ता है। फूड सिक्योरिटी, टूरिज्म व तटीय संरक्षण के दृष्टिकोण से भी यह चिन्ताजनक स्थिति है।
औसत समुद्री जल स्तर वर्ष 2021 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वर्ष 2013-2021 की अवधि में यह औसतन 4.5 मिलिमीटर प्रति वर्ष की दर से बढ़ा है। 1993-2002 की तुलना में जल स्तर में वृद्धि की यह दोगुनी रफ्तार है।