चर्चा में क्यों: 2022-23 के बजट में, सरकार ने डिजिटल आभासी संपत्ति या क्रिप्टो से आय पर 30 प्रतिशत कर की घोषणा की है। साथ ही, वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के उपहार प्राप्तकर्ता से भी कर कर लिये जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की है कि 2023 तक ब्लॉकचेन पर आधारित आरबीआई समर्थित एक सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) पेश की जाएगी।
क्रिप्टोकरेंसी क्या हैं?
क्रिप्टोकरेंसी किसी मुद्रा का एक डिजिटल रूप है, जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होती है। यह डीसेंट्रलाइज्ड पीयर-टू-पीयर नेटवर्क पर कार्य करती है और इसे किसी सरकार या संस्थान द्वारा विनियमित नहीं किया जाता है।
ब्लॉकचेन तकनीक सभी क्रिप्टोकरेंसी का आधार होती है, यह इसे ट्रैक करने एवं इससे जुड़े लेनदेन की सुरक्षा को सुनिश्चित करती है।
हर क्रिप्टोकरेंसी में एक बहीखाता या लेजर (Ledger) होता है, जहां सभी लेनदेन संपन्न किए जाते हैं। इसे कोई भी उपयोगकर्ता पूर्वनिर्धारित शर्तों को पूरा किए बिना बदल नहीं सकता है।
क्रिप्टोकरेंसी के दो चर्चित क्रिप्टो कॉइन्स Bitcoin (BTH) और Ethereum (ETH) हैं। कुछ तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे क्रिप्टो कॉइन्स Dogecoin (DOGE), Shiba Inu (SHIB) और Cardano (ADA) हैं।
