• हाल ही में, शोधकर्ताओं ने हलोदुले यूनीनर्विस (Halodule uninervis) नामक समुद्री घास में में कैंसररोधी गुणों की खोज की है। यह दक्षिणी तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र में पाई जाने वाली एक प्रमुख समुद्री घास है।
  • समुद्री घास, समुद्री एंजियोस्पर्मों (marine angiosperms) के समूहों में से एक है जो सामान्यतः पूर्ण रूप से जलमग्न रहती हैं। इनकी जड़ें, तना और पत्तियां होती हैं एवं फूल व फल पैदा करते हैं। ‘समुद्री घास’  एकमात्र फूल वाले पौधे हैं जो पानी के अंदर रहते हुए विकसित हो सकते हैं।
  • ये तट के किनारे, साफ, उथले पानी में पाए जाते हैं जो प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से पानी में ऑक्सीजन छोड़ते हैं। यहीं कारण है कि इन्हें ‘समुद्र के फेफड़े’ कहा जाता है।
  • समुद्री घास का उपयोग विभिन्न प्रकार के फंगल, बैक्टीरियल और वायरल रोगों के अलावा कैंसर एवं मधुमेह के ईलाज में किया जाता है।
  • कुछ महत्वपूर्ण समुद्री घासें सी काउ ग्रास (साइमोडोसिया सेरुलता), थ्रेडी सीग्रास (साइमोडोसिया रोटुंडटा), नीडल सीग्रास (सिरिंगोडियम आइसोएटिफोलियम), फ्लैट-टिप्ड सीग्रास (हलोदुले यूनिनर्विस), स्पून सीग्रास (हेलोफिला ओवलिस) और रिबन ग्रास (एनहलस एकोरोइड्स) हैं।

By QuizHat

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