इसरो द्वारा ‘लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान’ (Small Satellite Launch Vehicle- SSLV) नामक एक नए प्रक्षेपण यान का विकास किया जा रहा है।
इस प्रक्षेपण यान की पहली विकास उड़ान ‘एसएसएलवी-डी1 माइक्रो सैट’ के अप्रैल में होने की संभावना है।
तीन चरण वाले इस प्रक्षेपण यान का प्रत्येक चरण ‘ठोस ईंधन’ पर आधारित है, जिसका व्यास 2 मीटर तथा ऊँचाई 34 मीटर है।
यह इसरो द्वारा विकसित 110 टन द्रव्यमान का सबसे छोटा प्रक्षेपण यान है जो 500 किलोग्राम वजन के उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा (500 किमी. की ऊँचाई तक) में ले जा सकता है।
यह एक साथ कई छोटे उपग्रहों को एक से अधिक ऑर्बिट में स्थापित करने में सक्षम है। लॉन्च के लिए इसे तैयार करने में केवल 72 घंटे लगेंगे, जबकि वर्तमान में एक प्रक्षेपण यान को लॉन्च के लिए तैयार करने में 70 दिन लगते हैं।
विदित है कि छोटे उपग्रहों का प्रक्षेपण अब तक इसरो के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान के द्वारा बड़े उपग्रहों के साथ किया जाता रहा है जिसके कारण छोटे उपग्रहों का प्रक्षेपण इसरो द्वारा बड़े उपग्रहों के प्रक्षेपण पर निर्भर करता था।
