बांधवगढ़ वन अभ्यारण्य उमरिया और कटनी जिलों के सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला में स्थित है…
बांधवगढ़ किले के नाम पर इसका नाम बांधवगढ़ पड़ा है। इस किले का उल्लेख नारद पंच रत्न और शिव संहिता पुराण में भी मिलता है।
जैव विविधता की दृष्टि से अद्वितीय यह अभयारण्य बाघ, जीवों की विविधता और वनस्पतियों के लिए जाना जाता है। चरणगंगा यहां की प्रमुख नदी है जो इस क्षेत्र से होकर गुजरती है।
हाल ही में यहाँ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा की गई खोज में कलचुरी काल के अवशेष एवं ब्राह्मी शिलालेख मिले हैं।
इन अवशेषों में एक विशाल वराह मूर्ति भी है। शिलालेखों में कौशांबी, मथुरा, पावता (पर्वत), वेजभरदा और सपतनैरिका स्थानों का उल्लेख है।
