अंतरमहाद्वीपीय स्थानान्तरण परियोजना के तहत नामीबिया से भारत लाये जा रहे आठ चीतों को मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में 17 सितंबर को छोड़ा जाएगा।
दुनिया में चीतों की दो प्रजातियां एशियाई चीते और अफ्रीकी चीते हैं। वर्तमान में एशियाई चीते ईरान में जबकि अफ्रीकी चीते अफ्रीका के कई देशों में पाए जाते हैं।
विश्व की बड़ी बिल्लियों की आठ प्रजातियों में से एक चीता दुनिया का सबसे तेज़ रफ़्तार से दौड़ने वाला जानवर है, जो सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ सकता है।
इस प्रजाति को IUCN की संकटग्रस्त प्रजातियों की रेड लिस्ट में वल्नरेबल की श्रेणी में रखा गया है।
हाल ही में, मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में 1952 में भारत से विलुप्त घोषित किए जा चुके ‘चीता’ को दक्षिण अफ्रीका से लाकर पुनः बसाये जाने की योजना चर्चा में है।
शुष्क सवाना वन और घास के मैदान तथा चौसिंगा हिरण, चिंकारा, नीलगाय, जंगली सूअर और सांभर की उपलब्धता के कारण इस नेशनल पार्क को चीतों के आवास के लिए चुना गया है।
भारत में एशियाई चीतों को बसाना अधिक बेहतर रहता, लेकिन ईरान में इनकी अत्यधिक कम संख्या और कमजोर जेनेटिक पूल के कारण इनके स्थान पर अफ्रीकी चीतों को बसाने का प्रयोग किया जा रहा है।
