जापान के वैज्ञानिक संस्थान, रिकेन क्लस्टर फॉर पायनियरिंग रिसर्च के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने एक साइबोर्ग तिलचट्टे का विकास किया है, जिसका कुछ हिस्सा कीट का और कुछ मशीन है।
वैज्ञानिकों की टीम ने मेडागास्कर तिलचट्टे का इस्तेमाल किया, जो तिलचट्टे की सबसे बड़ी प्रजाति है। इसकी लम्बाई 6 सेमी तक हो सकती है।
इस साइबोर्ग तिलचट्टे को चलाने के लिये बेहद पतली लगभग 0.004 मिमी रिचार्जेबल सौर सेल मॉड्यूल को भी डिजाइन किया गया है ताकि कॉकरोच को लंबे समय तक नियंत्रित किया जा सके।
इस कीट की गतिविधियों को छोटे एकीकृत सर्किट द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इसके लिये वैज्ञानिकों ने एक 3D प्रिंटेड सॉफ्ट बैकपैक का उपयोग किया जो कीट के तंत्रिका तंत्र से जुड़ा है और इसके पैरों को नियंत्रित कर सकता है। खोज और बचाव, पर्यावरण निगरानी और मनुष्यों के लिए खतरनाक क्षेत्रों के निरीक्षण में उपयोगी होंगे।