वैश्विक सड़क सुरक्षा निकाय इंटरनेशनल रोड फेडरेशन (आईआरएफ) ने अधिकारियों से दुर्घटनाओं को रोकने के लिए देश भर के राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट हटाने के लिए उपचारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। ब्लैक स्पॉट, ऐसे दुर्घटना स्थल हैं, जहां बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, एक सड़क दुर्घटना ब्लैक स्पॉट राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 500 मीटर लंबा खंड है जिसपर पिछले तीन वर्षों में या तो 5 गंभीर दुर्घटनाएँ हुई हैं या 10 मौतें हुई हैं।
सरकार द्वारा 2021 में लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार देश में कुल 5803 ब्लैक स्पॉट हैं।तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक सबसे ज्यादा ब्लैक स्पॉट वाले राज्य हैं।
भारत दुनिया भर में सड़क सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र दशक की कार्य योजना का एक हस्ताक्षरकर्ता है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत की कमी लाना है।
सड़क सुरक्षा पांच “ई – शिक्षा, सड़क इंजीनियरिंग, वाहन इंजीनियरिंग, प्रवर्तन और आपातकालीन देखभाल” पर निर्भर करती है।
भारत में दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं में 11 प्रतिशत से अधिक मौतें होती हैं, जिसमें हर दिन 426 लोगों की जान जाती है और हर घंटे 18 लोग मारे जाते हैं।
