crop black woman making aromatic liquid incensePhoto by Anna Shvets on <a href="https://www.pexels.com/photo/crop-black-woman-making-aromatic-liquid-incense-5760907/" rel="nofollow">Pexels.com</a>

आयुष मंत्रालय द्वारा लेह स्थित नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ सोवा-रिग्पा एवं सिक्किम के नामग्याल इंस्‍टीट्यूट ऑफ तिब्‍बतोलॉजी (एनआईटी) के सहयोग से पूर्वोत्तर राज्यों में कार्यरत सोवा-रिग्पा चिकित्सकों के लिए राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

‘सोवा-रिग्पा’ को सामान्यतः ‘आमची’ चिकित्सा पद्धति के रूप में जाना जाता है, जो कि विश्व की प्राचीनतम चिकित्सकीय परंपराओं में से एक है। यह लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और दार्जिलिंग में प्रचलित है।

कुछ विद्वानों का मानना है कि 2500 वर्ष से अधिक प्राचीन यह चिकित्सा पद्धति भारत में विकसित हुई है जबकि कुछ चीन या तिब्बत से उत्पन्न मानते हैं।

इसके अधिकांश सिद्धांत ‘आयुर्वेद’ के समान है जो ‘पंचमहाभुत’ एवं ‘त्रिदोष’ पर आधारित है। ‘सोवा-रिग्पा’ के अनुसार हमारा शरीर पांच भौतिक तत्त्वों से निर्मित है, जब इन तत्त्वों का अनुपात हमारे शरीर में असंतुलित हो जाता है तो शरीर में रोग उत्पन्न हो जाते हैं।

By QuizHat

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