इसरो ने इस वर्ष के अपने पहले मिशन को 14 फरवरी को लॉन्च किया। इस दौरान PSLV-C52 रॉकेट ने तीन उपग्रहों EOS-04, INSPIREsat-1 एवं INS-2TD को कक्षा में स्थापित किया।
ध्रुवीय उपग्रह प्रमोचक यान (PSLV) भारत का तृतीय पीढ़ी का चार चरणों वाला प्रमोचक रॉकेट है। यह पहला भारतीय रॉकेट है जिसमें द्रव चरणों का भी उपयोग किया गया है। पी.एस.एल.वी. ने ही दो ऐतिहासिक अंतरिक्षयान, वर्ष 2008 में चंद्रयान-1 एवं वर्ष 2013 में मंगल यान का प्रमोचन किया था।
यह 1,750 कि.ग्रा. तक के भारी उपग्रहों को 600 कि.मी. की ऊँचाई पर सूर्य तुल्यकाली ध्रुवीय कक्षा (Sun-Synchronous Polar Orbits) तथा 1,425 कि.ग्रा. के उपग्रहों को भू-तुल्यकालिक कक्षा (Geosynchronous and Geostationary orbits) में स्थापित कर सकता है।
PSLV का पहला चरण ठोस ईंधन आधारित होता है। PSLV-G तथा PSLV-XL किस्म के रॉकेटों में पहले चरण के दौरान प्रणोद को बढ़ाने के लिए 6 ठोस रॉकेट स्ट्रैपऑन के साथ एस-139 रॉकेट मोटर का उपयोग किया जाता है।
इसके दूसरे एवं चौथे चरण में तरल ईंधन का प्रयोग किया जाता है। जबकि पीएसएलवी का तीसरा चरण ठोस रॉकेट मोटर होती है, जो प्रमोचन के वायुमंडलीय चरण के पश्चात ऊपरी चरणों को उच्च प्रणोद (High thrust) उपलब्ध कराती है।