हाल ही में, भारत-म्यांमार सीमा के निकट पूर्वी नागालैंड के किफिर (Kiphire) ज़िले के थानामीर गांव (Thanamir Village) के सामुदायिक वन में 3,700 मीटर की ऊँचाई पर क्लाउडेड लेपर्ड को पहली बार देखा गया है। 65 वर्ग किलोमीटर में फैले इस जंगल में नागालैंड की सबसे ऊँची चोटी माउंट सरमती है।
क्लाउडेड लेपर्ड का वैज्ञानिक नाम नियोफेलिस नेबुलोसा (Neofelis Nebulosa) है। यह जंगली बिल्लियों में सबसे छोटी प्रजाति है।
यह दक्षिण पूर्व एशिया से लेकर हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है, जो मुख्यतया कम ऊँचाई वाले सदाबहार वर्षावनों में निवास करते हैं।
आईयूसीएन की रेड लिस्ट में क्लाउडेड लेपर्ड को सुभेद्य (Vulnerable) की श्रेणी में रखा गया है।
थानामीर में रहने वाली यिमखिउंग जनजाति (Yimkhiung Tribe) की स्थानीय बोली ‘चिर’ (Chirr) में क्लाउडेड लेपर्ड को ‘खेफक’ (Khephak) के नाम से जाना जाता है।
इस क्षेत्र की कुछ अन्य प्रजातियों में एशियाई काला भालू, पीले गले वाला मार्टन, स्टंप-टेल्ड मैकाक, एशियाई गोल्डन कैट, मार्बल कैट और लेपर्ड कैट शामिल हैं।
