प्रश्न: ‘डिजिटल एड्रेस कोड’ से आप क्या समझते हैं? भारत के संदर्भ में इस तकनीक की उपयोगिता की चर्चा करते हुए इसके क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों को स्पष्ट कीजिए।
भूमिका: डाक विभाग द्वारा तैयार किये जा रहे ‘भू-स्थानिक निर्देशांक’ (Geospatial Coordinates) के माध्यम से किसी पते के अद्वितीय संख्यात्मक या अल्फ़ान्यूमेरिक रूप से विकसित स्थायी कोड के संदर्भ में डिजिटल एड्रेस कोड को स्पष्ट करें।
मुख्य भाग: स्थायी कोड के माध्यम से संपत्ति कराधान में सहायता, ई-कॉमर्स की उत्पादकता एवं गुणवत्ता में वृद्धि, बैंकिंग, बीमा, टेलीकॉम के लिये ई-केवाईसी का सरलीकरण, आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं आपदा प्रबंधन, बुनियादी ढांचा योजना और प्रबंधन, जनगणना और शिकायत निवारण इत्यादि में वित्तीय और प्रशासनिक क्षमता में वृद्धि जैसे लाभों की चर्चा करें।
चुनौतियों के अंतर्गत भारत का विशाल भौगोलिक क्षेत्रफल एवं जनसंख्या, डिजिटल विभाजन, एक ही संपत्ति के कई भागीदार, दूरस्थ क्षेत्रों तक संपर्क में असुविधा आदि का उल्लेख करें।
निष्कर्ष: भू-स्थानिक निर्देशांक के माध्यम से सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा ई-गवर्नेंस को प्रभावी बनाने का उल्लेख करते हुए संक्षिप्त निष्कर्ष लिखें।
