चर्चा में क्यों:सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट केरल की एक सेमी हाई-स्पीड रेलवे परियोजना है, जिसमें राज्य के उत्तरी और दक्षिणी छोर के मध्य 200 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों की परिकल्पना की गई है।
- इस रेलवेलाइन की लंबाई 529.45 किलोमीटर होगी, जो दक्षिण में तिरुवनंतपुरम को उत्तर में कासरगोड से जोड़ेगी।
- इस परियोजना में इलेक्ट्रिकमल्टीपल यूनिट प्रकार की ट्रेनें चलेगी, जो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को भी कम करेगी।
- इस रेलवेलाइन के बड़े हिस्से के दोनों ओर तटबंधों का निर्माण किया जाएगा, जो प्राकृतिक जल निकासी को अवरुद्ध करेगा, जिससे भारी बारिश के दौरान बाढ़ की समस्या उत्पन्न होगी। साथ ही, इस परियोजना से 30,000 से अधिक परिवारों का विस्थापन भी होगा।
- पर्यावरणविदों का आरोप है कि इस प्रोजेक्ट से पर्यावरण की अत्यधिक क्षति होगी क्योंकि इसका मार्ग महत्त्वपूर्ण आर्द्रभूमि, धान के खेतों और पहाड़ियों से होकर गुजरता है।
