सुपर कंप्यूटर की दुनिया में भारत की बड़ी उपलब्धि परम रुद्र सुपरकंप्यूटर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत भारत में 130 करोड़ रुपये की लागत से विकसित तीन परम रुद्र सुपरकंप्यूटर लॉन्च किए हैं। ये सिस्टम विज्ञान, स्वास्थ्य सेवा और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाएंगे।
यह भारत के प्रमुख सुपरकंप्यूटरों में से एक है, जिसे C-DAC (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस्ड कंप्यूटिंग) द्वारा विकसित किया गया है। परम रुद्र सुपरकंप्यूटर, भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास के लिए एक प्रमुख उपकरण के रूप में काम करता है, और इसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में जटिल वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग गणनाओं के लिए किया जाता है।
परम रुद्र “परम” श्रृंखला के सुपरकंप्यूटरों का एक हिस्सा है, जिसे भारत में 1990 के दशक में स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग क्षमताओं के विकास के लिए शुरू किया गया था। “परम” नाम संस्कृत शब्द “परम” से लिया गया है, जिसका अर्थ “सर्वोच्च” है।
मुख्य विशेषताएँ:
1. उच्च-प्रदर्शन क्षमता: परम रुद्र सुपरकंप्यूटर में अत्यधिक तेज़ गणनात्मक शक्ति होती है, जो इसे अत्यधिक जटिल समस्याओं को हल करने में सक्षम बनाती है। यह पेटाफ्लॉप्स (PFlops) की गति पर काम करता है, जिससे यह दुनिया के सबसे तेज सुपरकंप्यूटरों में से एक है।
2. स्वदेशी तकनीक: इस सुपरकंप्यूटर के निर्माण में अधिकांश हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर तकनीक स्वदेशी हैं, जो भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा देते हैं।
3. उपयोग: परम रुद्र सुपरकंप्यूटर का उपयोग कई क्षेत्रों में होता है, जैसे कि:
– मौसम पूर्वानुमान और जलवायु मॉडलिंग
– चिकित्सा अनुसंधान
– अंतरिक्ष विज्ञान
– जैव सूचना विज्ञान (Bioinformatics)
– आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग
– रक्षा अनुसंधान
4. ऊर्जा दक्षता: यह सुपरकंप्यूटर अपनी ऊर्जा दक्षता के लिए भी जाना जाता है, जो इसे न केवल शक्तिशाली बनाता है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी।
5. राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM): परम रुद्र, भारत के राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य भारत को एक वैश्विक सुपरकंप्यूटिंग शक्ति के रूप में स्थापित करना है।
परम रुद्र भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक है और यह देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।