मंगल ग्रह पर एक लम्बे मिशन के बाद इंजेन्युटी हेलीकॉप्टर ने काम करना बंद कर दिया है। यह छोटा हेलीकॉप्टर, नासा के पर्सीवरेंस रोवर के साथ लाल ग्रह पर वर्ष 2020 में भेजा गया था।
इस नवोन्मेषी रोटरक्राफ्ट का उद्देश्य प्रौद्योगिकी प्रदर्शन था, जिसने पृथ्वी से बाहर किसी अन्य ग्रह पर हवाई अन्वेषण की क्षमता का प्रदर्शन करते हुए 72 उड़ानें पूरी की।
इंजेन्युटी हेलीकॉप्टर क्यों खराब हुआ ?
हाल ही में 4-पाउंड (1.8-किलो) के इंजेन्युटी हेलीकॉप्टर के रोटर ब्लेड को नुकसान पहुंचा, जिससे यह आगे की उड़ान में असमर्थ हो गया।
इंजेन्युटी ने अपने मिशन के दौरान मंगल ग्रह पर कुल दो घंटे, आठ मिनट से अधिक की उड़ान भरी और 72 उड़ानों के माध्यम से 10.5 मील (17 किमी) की दूरी तय की।
इंजेन्युटी हेलीकॉप्टर का लाभ
इंजेन्युटी की सफलता मानव नवाचार और अन्वेषण की निरंतर खोज का एक प्रमाण है।
मंगल ग्रह के इलाके का पता लगाने और नेविगेट करने की इसकी क्षमता ने अमूल्य डेटा प्रदान किया है, जिससे हमारे सौर मंडल में अधिक परिष्कृत और महत्वाकांक्षी हवाई मिशनों का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिसमें शनि के चंद्रमा, टाइटन पर आगामी ड्रैगनफ्लाई मिशन भी शामिल है।