ब्रिटेन सरकार अपने देश में शरण चाहने वालों को रवांडा भेजना चाहती है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इस नीति को गैरकानूनी करार दिया है।
ब्रिटिश सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार इस योजना का यह जोखिम है कि रवांडा भेजे गए शरणार्थियों को उनके गृह देश पुनः भेजा जा सकता है, जहां उन्हें उत्पीड़न का सामना करना पड़ सकता है। जिसे “रिफ़ाउलमेंट” (refoulement) कहा जाता है।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि इस बात का उचित मूल्यांकन नहीं किया गया है कि रवांडा शरण चाहने वालों के लिए एक सुरक्षित देश है या नहीं।
यह योजना मानव अधिकारों पर यूरोपीय कन्वेंशन (ECHR) का उल्लंघन करता है , जो यातना और अमानवीय व्यवहार पर रोक लगाता है। यूके ईसीएचआर का हस्ताक्षरकर्ता है।
रवांडा कहाँ है?
रवांडा ब्रिटेन से 4,000 मील (6,500 किमी) दक्षिण-पूर्व में पूर्व-मध्य अफ्रीका में एक स्थल से घिरा देश है। इसकी सीमा बुरुंडी, तंजानिया और युगांडा से लगती है।
क्या है रवांडा शरण योजना?
इस योजना को अप्रैल 2022 में पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा प्रस्तुत किया गया था।
सरकार ने कहा कि 1 जनवरी, 2022 के बाद “अवैध रूप से ब्रिटेन में प्रवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति” को रवांडा भेजा जा सकता है, जिसमें संख्या की कोई सीमा नहीं होगी।
ब्रिटेन पहले ही रवांडा सरकार को £140 मिलियन का भुगतान कर चुका है, लेकिन वास्तव में किसी भी शरण चाहने वाले को रवांडा नहीं भेजा गया है। पहली उड़ान जून 2022 में जाने वाली थी, लेकिन कानूनी चुनौतियों के बाद रद्द कर दी गई।
योजना के तहत, उन्हें रवांडा में रहने के लिए शरणार्थी का दर्जा दिया जा सकता है। यदि नहीं, तो वे अन्य आधारों पर वहां बसने के लिए आवेदन कर सकते हैं, या किसी अन्य “सुरक्षित तीसरे देश” में शरण मांग सकते हैं।
सरकार शरण चाहने वालों को रवांडा क्यों भेजना चाहती है?
सरकार ने कहा कि यह नीति “अवैध, खतरनाक या अनावश्यक तरीकों” से इंग्लिश चैनल को पार कर छोटी नावों से ब्रिटेन आने वाले शरणार्थियों को रोकेगी।
2022 में यूके आने के लिए 45,700 से अधिक लोगों ने इस मार्ग का उपयोग किया था।