हाल ही में, भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने राष्ट्रीय डीप टेक स्टार्टअप नीति (NDTSP) का मसौदा पेश किया है।
मसौदे में कहा गया है कि इस नीति का उद्देश्य डीप टेक स्टार्ट-अप में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है।
यह नीति सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों में वैश्विक डीप टेक मूल्य श्रृंखला में भारत की स्थिति को सुनिश्चित करना चाहती है।
यह नीति ऐसे स्टार्ट-अप के लिए बौद्धिक संपदा व्यवस्था को सरल बनाने, नियामक आवश्यकताओं को आसान बनाने और इन फर्मों को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों का प्रस्ताव करती है।
मसौदे के अनुसार, भारतीय डीप टेक स्टार्ट-अप के लिए विदेशी बाजारों में प्रवेश की बाधाओं को कम करने हेतु एक निर्यात संवर्धन बोर्ड बनाया जाए, और ऐसी बाजार पहुंच को आसान बनाने के लिए विदेशी व्यापार समझौतों में प्रावधान शामिल किए जाएं।
चूंकि डीप टेक और इसकी आपूर्ति श्रृंखलाओं के विभिन्न पहलुओं की विशेषज्ञता और विनियामक अवलोकन विभिन्न मंत्रालयों के अधीन हैं, इसलिए नीति डीप टेक पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर ढंग से कार्य करने में सक्षम बनाने की आवश्यकताओं की नियमित समीक्षा करने के लिए एक “अंतर मंत्रालयी डीप टेक समिति” (Inter Ministerial Deep Tech Committee) के निर्माण का सुझाव देती है।
स्पष्ट है कि भारतीय डीप टेक इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों और बहुपक्षीय संस्थानों के साथ बेहतर ढंग से जुड़ने के लिए एक समन्वित, व्यापक प्रयास समय की आवश्यकता है।