यह रूस, यूक्रेन और तुर्की द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गयी एक पहल है।
इसका उद्देश्य यूक्रेन के तीन प्रमुख बंदरगाहों चोरनोमोर्स्क, ओडेसा और युज़नी/पिवडेन्नी से काला सागर के जरिये निर्यात (विशेष रूप से खाद्यान्न के लिए) के लिए एक सुरक्षित समुद्री गलियारा प्रदान करना है।
इस पहल के अंतर्गत संयुक्त समन्वय केंद्र (जेसीसी) की स्थापना की गई है, जिसमें निरीक्षण और समन्वय के लिए रूस, तुर्की, यूक्रेन और संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हैं।
इस पहल का केंद्रीय विचार अनाज की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करके खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति को सीमित करना है।
विदित है कि यूक्रेन विश्व स्तर पर गेहूं, मक्का और सूरजमुखी के तेल के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है।
