हाल ही में, वर्ष 2022 के लिये छह श्रेणियों के अंतर्गत नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की गयी। प्रत्येक वर्ष अक्तूबर माह में नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की जाती है।
ये पुरस्कार शरीरक्रिया विज्ञान या चिकित्सा, भौतिकी, रसायन, साहित्य, शांति एवं अर्थशास्त्र क्षेत्र में विशेष योगदान के लिये प्रदान किये जाते हैं। ये पुरस्कार उन खोजों के लिये प्रदान किये जाते हैं जिसने मानव जाति को बड़े पैमाने पर लाभ प्रदान किया हो।
विदित है कि शांति का नोबेल पुरस्कार ओस्लो (नॉर्वे) में जबकि अन्य सभी नोबेल पुरस्कार स्टॉकहोम (स्वीडन) में प्रदान किये जाते हैं।
नोबेल पुरस्कार विजेताओं का चयन चार संस्थाओं के द्वारा किया जाता है –
- द नोबेल असेंबली एट करोलिंस्का इंस्टिट्यूट – चिकित्सा विज्ञान
- द रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज – भौतिकी, रसायन और आर्थिक विज्ञान
- द स्वीडिश एकेडमी – साहित्य
- द नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी – शांति पुरस्कार
वर्ष 2022 के लिये पुरस्कार
चिकित्सा
इस वर्ष चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक ‘स्वंते पाबो’ को प्रदान किया गया है।
अपने अनुसंधान से पाबो ने यह सिद्ध किया कि आधुनिक मनुष्य विलुप्त मानव प्रजातियों निएंडरथल और डेनिसोवन्स के साथ डीएनए साझा करते हैं।
इन्होने हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली में उस महत्त्वपूर्ण भिन्नता को उजागर किया जो आधुनिक मानवों को विलुप्त हो चुके मानव पूर्वजों से अद्वितीय बनाती है।
भौतिकी
इस वर्ष भौतिकी का नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों एलेन आस्पेक्ट (फ़्रांस), जॉन एफ. क्लॉसर (अमेरिका) और एंटोन ज़िलिंगर (ऑस्ट्रिया) को प्रदान किया गया है। यह पुरस्कार क्वांटम यांत्रिकी के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण खोज के लिये प्रदान किया गया है।
रसायन
यह पुरस्कार ‘क्लिक केमिस्ट्री और बायोऑर्थोगोनल केमिस्ट्री के विकास’ के लिये ‘संयुक्त राज्य अमेरिका के कैरोलिन बर्टोज़ी एवं बैरी शार्पलेस तथा डेनमार्क के मोर्टन मेल्डाल को प्रदान किया गया है।
क्लिक केमिस्ट्री का उपयोग दवाइयों के विकास में डी.एन.ए. मैपिंग तथा बेहतर सामग्री बनाने में किया जाता है।
विदित है कि ‘क्लिक केमिस्ट्री’ के प्रवर्तक बैरी शार्पलेस को वर्ष 2001 में भी नोबेल पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है।
साहित्य
साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रसिद्ध फ़्रांसीसी संस्मरणकार ‘एनी अर्नाक्स’ को प्रदान किया गया है।
एनी अर्नॉक्स, की अधिकांश रचनाएँ संस्मरण के रूप में हैं। इन्होने साहित्य के माध्यम से अपने जीवन के अनुभवों को उजागर किया।
इनकी अंतर्राष्ट्रीय बेस्टसेलर पुस्तक “The Years” है, जो उनके जीवन के 70 वर्षों का वर्णन करती है। इनकी कुछ अन्य चर्चित कृतियों में हैपनिंग, ए मैन्स प्लेस, गेटिंग लॉस्ट, ए गर्ल्स स्टोरी और आई रिमेन इन डार्कनेस शामिल है।
शांति पुरस्कार
शांति के लिये नोबेल पुरस्कार 1 व्यक्ति सहित 2 संस्थाओं को प्रदान किया गया है। जिसमें बेलारूस के मानवाधिकार अधिवक्ता एलेस बियालियात्स्की, रूस एवं यूक्रेन के मानवाधिकार संगठनों क्रमशः मेमोरियल एवं सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज हैं।
आर्थिक विज्ञान
यह पुरस्कार बैंकों और वित्तीय संकट पर शोध के लिये तीन अमेरिकी अर्थशास्त्रियों ‘बेन एस. बर्नानके, डगलस डब्ल्यू. डायमंड और फिलिप एच. डाइबविग’ को प्रदान किया गया है।
भारत के नोबेल पुरस्कार विजेता
| नोबेल पुरस्कार विजेता | क्षेत्र | वर्ष |
| रविंद्र नाथ टैगोर | साहित्य | 1913 |
| सी वी रमन | भौतिकी | 1930 |
| हरगोविंद खुराना | चिकित्सा | 1968 |
| मदर टेरेसा | शांति | 1979 |
| सुब्रहाम्ण्यम चंद्रशेखर | भौतिकी | 1983 |
| अमर्त्य सेन | अर्थशास्त्र | 1998 |
| वेंकट रामन रामकृष्णन | रसायन विज्ञान | 2009 |
| कैलाश सत्यार्थी | शांति | 2014 |
| अभिजीत बनर्जी | अर्थशास्त्र | 2019 |
महात्मा गांधी (1869-1948) 20वीं सदी में अहिंसा के सबसे महान प्रवर्तकों में थे। यह व्यापक रूप से माना जाता है कि नोबेल शांति पुरस्कार के लिए गांधी को चुना जाना चाहिए था। इस पुरस्कार हेतु उन्हें कई बार नामांकित किया गया, लेकिन उन्हें कभी इस पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया गया।