उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी नई अक्षय ऊर्जा पहल के तहत राज्य में सरकारी और अर्ध-सरकारी भवनों और कार्यालयों पर सौर छत परियोजनाओं को विकसित करने का निर्णय लिया है ।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी ( एनईडीए ) विभाग ने 25-2,000 किलोवाट ग्रिड से जुड़े सौर फोटोवोल्टिक (PV) परियोजनाओं के डिजाइन, निर्माण, परीक्षण और कमीशन के लिए ऑनलाइन निविदा आमंत्रित की हैं।
रूफटॉप सोलर पीवी अनिवार्य रूप से छतों पर स्थापित ग्रिड-इंटरैक्टिव सोलर फोटोवोल्टिक पावर सिस्टम को संदर्भित करता है जो फोटो-वोल्टाइक तकनीक के माध्यम से बिजली उत्पादन के लिए सूर्य के प्रकाश का उपयोग करता है।
इस योजना का उद्देश्य जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली और कार्बन फुटप्रिंट को कम करना है। राज्य भर में 50 मेगावाट की कुल क्षमता वाली यह योजना ग्रिड से जुड़े रूफटॉप सोलर पीवी परियोजनाओं की स्थापना की परिकल्पना करती है।
