एनसीईआरटी कक्षा-6 (हमारे अतीत-1) पाठ्यपुस्तक के अध्याय-5 पर आधारित प्रश्न।
1.उत्तर वैदिक ग्रंथो के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
- उत्तर वैदिक ग्रंथो में अनुष्ठान एवं उनके सम्पादन की विधियों का वर्णन है।
- इन ग्रंथों में तत्कालीन सामाजिक नियमों के बारे में जानकारी नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A. केवल 1
B. केवल 2
C. 1 और 2 दोनों
D. न तो 1, न ही 2
2.महाजनपद काल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
- इस काल में नियमित रूप से कर वसूला जाने लगा था।
- कृषि उत्पादों को कर से छूट दी गयी थी।
- व्यापारियों को सामान के क्रय-विक्रय पर कर देना पड़ता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A. केवल 1 और 2
B. केवल 1 और 3
C. केवल 3
D. 1, 2 और 3
उत्तर व्याख्या :
1.उत्तर : (A) ऋग्वेद के बाद कई अन्य ग्रंथों की रचना की गयी जिनमें यजुर्वेद, अथर्ववेद और सामवेद प्रमुख हैं। ये उत्तर वैदिक ग्रन्थ कहे जाते हैं। उत्तर वैदिक ग्रंथो में अनुष्ठान एवं उनके सम्पादन की विधियों के वर्णन के साथ ही तत्कालीन सामाजिक नियमों के बारे में जानकारी मिलती है।
2.उत्तर: (B) इस काल में राजा द्वारा नियमित रूप से कर वसूला जाने लगा था। कर की सबसे प्रमुख मद कृषि उत्पाद थे जो लगभग फसल उत्पादन का 1/6 होता था। व्यापारियों को सामान के क्रय-विक्रय पर कर देना पड़ता था।
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