संदर्भ
हाल ही में, हिंद महासागर के उत्तरी एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में क्रमशः एक साथ दो चक्रवातों असानी और करीम का निर्माण हुआ।
क्या है जुड़वां चक्रवात
हवा और मानसून प्रणाली की परस्पर क्रिया पृथ्वी प्रणाली के साथ मिलकर जुड़वां चक्रवातों का निर्माण करती हैं। इन चक्रवातों की उत्पत्ति भूमध्यरेखीय रॉस्बी तरंगों एवं मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन के कारण होती हैं।
ये चक्रवात एक ही देशांतर पर लेकिन विपरीत दिशाओं में घूमते हैं। विदित है कि भूमध्यरेखा के उत्तरी अक्षांश में चक्रवात वामावर्त (Anticlockwise) दिशा में घूमता है, जबकि भूमध्यरेखा के दक्षिणी अक्षांश में चक्रवात दक्षिणावर्त (Clockwise) दिशा में घूमता है।
ये चक्रवात हिंद महासागर के अतिरिक्त पश्चिमी प्रशांत महासागर में भी बनते हैं, लेकिन पूर्वी प्रशांत महासागर या अटलांटिक महासागर में इनकी उत्पत्ति नहीं होती है क्योंकि इस क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय चक्रवात भूमध्य रेखा के दक्षिण में निचले अक्षांशों में नहीं बनते हैं।
जुड़वां चक्रवात सामान्यतः 1,000 किमी के भीतर बनते हैं, लेकिन आसनी और करीम के बीच की दूरी 2,800 किमी से अधिक थी।
क्या है रॉस्बी तरंगें
ये तरंगें समुद्र में लगभग 4,000-5,000 किमी. की तरंगदैर्ध्य के साथ उत्पन्न विशाल लहरें हैं। इस प्रणाली में उत्तरी एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में निर्मित चक्रवात एक – दूसरे की दर्पण छवि के समान होते हैं।
विदित है कि इन तरंगों का नाम प्रसिद्ध मौसम विज्ञानी कार्ल-गुस्ताफ रॉस्बी के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने सर्वप्रथम यह बताया कि ये तरंगें पृथ्वी के घूमने के कारण उत्पन्न होती है।
क्या है मैडेन-जूलियन ऑसिलेशन
यह बादलों और संवहन का एक बड़ा समूह है, जिसका आकार लगभग 5000-10,000 किमी. होता है। इसका निर्माण रॉस्बी तरंग और केल्विन तरंग के कारण होता है।
यह वर्षा को प्रभावित करने वाला एक कारक है जो चक्रवात के निर्माण में सहायक होता है। हालांकि, सभी उष्णकटिबंधीय चक्रवात एम.जे.ओ. से उत्पन्न नहीं होते हैं। कभी-कभी यह केवल रॉस्बी तरंग के कारण ही उत्पन्न होते हैं।
उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति
उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति महासागरों पर होती है और ये तटीय क्षेत्रों की ओर गतिमान होते हैं।
इनकी उत्पत्ति एवं विकास के लिये अनुकूल परिस्थितियाँ है-
- बृहद समुद्री सतह;
- जहाँ तापमान 27° सेल्सियस से अधिक हो;
- कोरिआलिस बल का होना;
- उर्ध्वाधर पवनों की गति में अंतर कम होना;
- निम्न दाब क्षेत्र का होना;
- समुद्री तंत्र पर ऊपरी अपसरण।
गर्म और शुष्क वायु के ऊपर उठने और समुद्र की सतह से दूर जाने से निम्न वायुदाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है। यह आसपास के क्षेत्रों से वायु को उच्च दाब वाले क्षेत्र से कम दाब वाले क्षेत्र की ओर ले जाती है।
चक्रवातों को अधिक विध्वंसक करने वाली ऊर्जा संघनन प्रक्रिया द्वारा ऊँचे कपासी स्तर बादलों से प्राप्त होती है, जो इस चक्रवात के केंद्र को घेरे होती है।
महासागरों से लगातार आर्द्रता की आपूर्ति के कारण ये चक्रवात अधिक विध्वंसक हो जाते हैं। स्थल पर पहुँचकर आर्द्रता की आपूर्ति के रुक जाने से ये तूफ़ान कमजोर पड़ जाते हैं।
विदित है कि पृथ्वी के 5° उत्तर और 5° दक्षिण अक्षांशों के मध्य भूमध्यरेखा पर कोरिओलिस बल की अनुपस्थिति होती है, फलतः इस क्षेत्र में चक्रवात की उत्पत्ति नहीं होती है।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न : जुड़वां चक्रवात क्या हैं? उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति के कारकों को स्पष्ट करते हुए उन विशेष कारणों की चर्चा कीजिए जो जुड़वां चक्रवात की उत्पत्ति के लिए उत्तरदायी हैं।
स्रोत : द हिंदू https://www.thehindu.com/sci-tech/science/explained-the-science-behind-twin-cyclones/article65402306.ece/amp/