‘द गार्जियन’ द्वारा शुरू की गयी एक ‘खोजी परियोजना’ (Investigative Project) के बाद ‘कार्बन बम’ शब्द तेजी से प्रचलित हुआ है। इस परियोजना द्वारा दुनिया भर में संचालित 195 ‘कार्बन बम’ परियोजनाओं की पहचान की गई है।
कार्बन बम
कार्बन बम के अंतर्गत जीवाश्म ईंधन जैसे कोयला, तेल और गैस से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं, जो पर्यावरण में भारी मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन में योगदान देती है। ये परियोजनाएँ अपने जीवनकाल में 1 अरब टन से अधिक कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) का उत्सर्जन करती है।
पर्यावरणविदों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा इन कार्बन बमों की पहचान करने और उन्हें निष्क्रिय करने के लिये ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।
कार्बन बमों का ‘डिफ्यूजन’
कार्बन बमों को ‘डिफ्यूज’ करने संबंधी लक्ष्य की दिशा में काम करने वाले नेटवर्क को ‘लीव इट इन द ग्राउंड इनिशिएटिव’ (LINGO) कहा जाता है। इस पहल का मिशन “जीवाश्म ईंधन को जमीन में रहने देना और इसके बगैर जीना सीखना” है।
