फूलदेई, उत्तराखण्ड का एक प्रमुख लोक पर्व है, जो प्रत्येक वर्ष चैत्र माह में मनाया जाता है। यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन का भी प्रतीक है।
उत्तराखण्ड में इसे फूल संक्रांति के तौर पर भी जाना जाता है। इस दिन घरों की चौखट को फूलों से सजाया जाता है। घर-मंदिर की चौखट का तिलक करते हुए ‘फूलदेई छम्मा देई’ कहकर मंगलकामना की जाती है।
चौखट सजाने के लिए बच्चे हाथों में टोकरी, थाल लिए खेतों और आस-पड़ोस से सरसों, फ्योंली, बुरांश व आड़ू-खुमानी इत्यादि के ताजा फूल चुनते हैं। यह पर्व बच्चों को प्रकृति से जुड़ने एवं उसमें होने वाले बदलाव को समझने का मौका देता है।
विदित है कि नौकरी, पढ़ाई व अन्य वजहों से होने वाले प्रवास की वजह से प्रकृति संरक्षण से जुड़े इस पर्व को मनाने की परंपरा को पिछले कुछ वर्षों में कम हुई है।
