12 मार्च, 1930 को गांधी ने अपने 78 सहयोगियों के साथ 24 दिवसीय ‘दांडी मार्च’ को शुरू किया था, यह यात्रा साबरमती आश्रम से दांडी तक 240 मील लंबी थी।

6 अप्रैल, 1930 को गांधी ने दांडी के समुद्र तट पर पहुँचकर नमक बनाकर, नमक कानून को तोड़ा और सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की।

इस मार्च के बाद नमक कानून तोड़ने के सत्याग्रह पूरे देश में होने लगे। सुभाषचंद्र बोस ने इस यात्रा की तुलना नेपोलियन के एल्बा से पेरिस तक किए गये मार्च से की थी।

तमिलनाडु में सी.राजगोपालाचारी ने त्रिचिनापल्ली से वेदारण्यम और केरल में के. केलप्पन ने कालीकट से पयान्नुर तक की नमक यात्रा की।

महोत्सव के प्रथम कार्यक्रम की शुरुआत साबरमती आश्रम से नवसारी में दांडी तक  की पदयात्रा के आयोजन के साथ की गई है।

By QuizHat

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