चर्चा में क्यों: हाल ही में, नासा ने पहली बार लेजर कम्युनिकेशंस रिलेडिमॉन्स्ट्रेशन (Laser Communications Relay Demonstration- LCRD) पेलोड को लॉन्च किया है। एलसीआरडी नासा को अंतरिक्ष में ऑप्टिकल संचार का परीक्षण करने में सहायक होगा।
वर्तमान में, अधिकांश अंतरिक्ष यान डेटा भेजने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी संचार का उपयोग करते हैं। ऑप्टिकल संचार रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम की तुलना में बैंडविड्थ को 10 से 100 गुना अधिक बढ़ाने में मदद करेगा।
एलसीआरडी, इन्फ्रारेड लेजर का उपयोग करते हुए 1.2 गीगाबिट-प्रति-सेकंड (जीबीपीएस) की दर से पृथ्वी पर डेटा भेजने में सक्षम होगा।
विदित है कि मंगल ग्रह के एक पूर्ण मानचित्र को वर्तमान रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम के साथ पृथ्वी पर वापस भेजने में लगभग नौ सप्ताह लगेंगे। लेज़र कम्युनिकेशंस के माध्यम से इसे लगभग नौ दिनों में पहुँचाया जा सकेगा।
ऑप्टिकल संचार प्रणालियाँ आकार में छोटी एवं कम वजन की होती हैं, जिनमें रेडियो उपकरणों की तुलना में कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
इन उपकरणों से ऊर्जा की बचत होने के साथ-साथ इनके छोटे आकार के कारण रॉकेट में अन्य वैज्ञानिक उपकरणों के लिए अधिक जगह, लॉन्च खर्च में कमी, मिशन के लिए अद्वितीय संचार क्षमताएं प्राप्त हो सकेंगी।
