चर्चा में क्यों: हाल ही में, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (सड़क, राजमार्ग, रेलवे, जल संसाधन) में जीओ-टेक्सटाईल्स के अनुप्रयोग से संबद्ध डिजाइन, कमीशनिंग एवं तकनीकी कर्मियों के लिए कौशल प्रशिक्षण की पायलट परियोजना को वस्त्र मंत्रालय द्वारा मंजूरी दी गई है।
यह प्रशिक्षण भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु; भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान,रुड़की द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा।
ध्यातव्य है कि जियोटेक्सटाइल्स को जियोसिंथेटिक्सभी कहा जाता है, जो कि एक पारगम्य कपड़ा (Permeable Textile) है जिसका उपयोग मिट्टी की स्थिरता को बढ़ाने, कटाव को नियंत्रित करने, जल निकासी में सहायता करने तथा सुदृढ़ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए किया जाता है। इन्हें आम तौर पर पॉलिएस्टर या पॉलीप्रोपाइलीनपॉलिमर से निर्मित किया जाता है।