Site icon FOR UPSC & STATE PSC…

ब्यूबोनिक प्लेग

हाल ही में, अमेरिका के ओरेगन में स्वास्थ्य अधिकारियों ने ब्यूबोनिक प्लेग के पहले मामले की पुष्टि की है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, व्यक्ति को संभवतः एक बीमार पालतू बिल्ली से यह बीमारी हुई।

ब्यूबोनिक प्लेग का इतिहास

14 वीं शताब्दी में इस बीमारी ने यूरोप में तबाही मचा दी थी, इसे महामारी को ब्लैक डेथ का नाम दिया गया, हालांकि इसका इलाज संभव है लेकिन यह बीमारी बेहद खतरनाक भी है।

1346 और 1353 के बीच, यूरोप में ब्यूबोनिक प्लेग से 50 मिलियन लोग मारे गए थे, जिसे ब्लैक डेथ के नाम से जाना जाता है।

दशकों से शोधकर्ताओं के बीच महामारी की उत्पत्ति बहस का विषय रही है, जिसमें बहुत सारे सिद्धांत थे, लेकिन कोई सबूत नहीं था। अब वर्तमान किर्गिस्तान में एक कब्रगाह से मिले DNA का विश्लेषण करने पर शोधकर्ताओं ने प्लेग की शुरुआत की तारीख 1338 बताई है।

शोधकर्ताओं को यहां दफन लोगों के दांतों में प्लेग फैलाने वाले बैक्टीरिया का DNA मिला है। शोधकर्ताओं ने कहा कि एक दशक से भी कम समय बाद पूरी दुनिया में प्लेग फैला जिसका DNA और किर्गिस्तान में मिला DNA लगभग एक समान है।

ब्यूबोनिक प्लेग के कारण

प्लेग यर्सिनिया पेस्टिस (Yersinia pestis) , एक ज़ूनोटिक बैक्टीरिया के कारण होता है जो जानवरों और लोगों के बीच फैल सकता है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर छोटे जानवरों और उनके पिस्सू में पाया जाता है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक ब्यूबोनिक प्लेग को ब्लैक डेथ के नाम से भी जाना जाता है. मानव इतिहास में इस एक खतरनाक महामारियों में से एक माना जाता है। इस बीमारी में एक तरह का बैक्टीरियल इंफेक्शन होता है जो ज्यादातर चूहों पर रहने वाले संक्रमित टिक्स के जरिए इंसानों में फैलता है।

WHO के मुताबिक ब्यूबोनिक प्लेग येर्सिनिया पेस्टिस बैक्टीरिया के कारण होता है. यह इंफेक्शन पिस्सू यानि टिक्स के कारण इंसानों में फैलता है. चूहों के अलावा यह इंफेक्शन गिलहरी और पालतू जानवर के फर्रों में होने वाली बैक्टीरिया से इंसानों में भी फैलता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इस बैक्टीरिया से मनुष्य तीन तरीकों से संक्रमित हो सकते हैं – “संक्रमित वेक्टर पिस्सू के काटने से”, “संक्रामक शारीरिक तरल पदार्थ या दूषित सामग्री के साथ असुरक्षित संपर्क से” (जैसे संक्रमित चूहे द्वारा काटना), और “न्यूमोनिक प्लेग से पीड़ित रोगी के श्वसन से”।

प्रत्येक वर्ष दुनिया भर में प्लेग के कुछ हजार मामले सामने आते हैं, जिनमें से ज्यादातर मामलें मेडागास्कर, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और पेरू में होते हैं, जहाँ मृत्यु दर लगभग 11 प्रतिशत है।

Exit mobile version