हाल ही में, रक्षा मंत्रालय ने हथियारों का पता लगाने वाले मैदानी रडार (Weapon Locating Radars : WLR) ‘स्वाति’ के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड (बीईएल) के साथ 990 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह एक स्वदेशी रूप से डिज़ाइन किया गया ऐसा डब्ल्यूएलआर है जो गोलाबारी कर रही तोपों, मोर्टारों और रॉकेटों की सटीक स्थिति का पता लगाने की क्षमता से युक्त है।
साथ ही, यह रडार स्वयं के हथियार प्रणाली से प्रत्युत्तर में आक्रमण करने की सुविधा से भी लैस है। इसे सेना में अगले 24 महीनों में शामिल करने की योजना है।

