हाल ही में, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 घोषित किया गया। यह स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार का सातवाँ संस्करण है।
प्रमुख बिंदु
स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों की श्रेणी में मध्य प्रदेश ने पहला स्थान हासिल किया है, इसके बाद छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र हैं।
एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर को भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया जबकि सूरत और नवी मुंबई को क्रमश: दूसरा व तीसरा।
एक लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में महाराष्ट्र के पंचगनी ने प्रथम स्थान जबकि छत्तीसगढ़ के पाटन एवं महाराष्ट्र के कराड ने क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।
सफाई मित्र सुरक्षा श्रेणी में तिरुपति को सर्वश्रेष्ठ शहर के रूप में चुना गया। हरिद्वार को सबसे स्वच्छ गंगा शहर घोषित किया गया, उसके बाद वाराणसी और ऋषिकेश का स्थान रहा।
एक लाख से कम आबादी वाले गंगा नगरों में बिजनौर पहले स्थान पर था इसके बाद क्रमशः कन्नौज और गढ़मुक्तेश्वर हैं।
राज्य पुरस्कारों में ‘100 से अधिक शहरी स्थानीय निकाय वाले राज्य’ की श्रेणी में मध्य प्रदेश को सबसे स्वच्छ राज्य का पुरस्कार दिया गया, जबकि छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रखा गया।
‘100 से कम शहरी स्थानीय निकाय वाले राज्य’ की श्रेणी में सबसे स्वच्छ राज्य त्रिपुरा, जबकि झारखंड और उत्तराखंड ने क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।
इस सर्वेक्षण में, महाराष्ट्र के देवलाली को देश का सबसे स्वच्छ छावनी बोर्ड तथा कर्नाटक के शिवमोग्गा को फास्ट मूवर सिटी का पुरस्कार दिया गया।
साल 2022 के स्वच्छता सर्वेक्षण की ग्रामीण कैटगरी में तेलंगाना पहले स्थान पर है। वहीं दूसरे स्थान पर हरियाणा और तीसरे पर तमिलनाडु है।
छोटे राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अंडमान और निकोबार ने पहला स्थान स्थान हासिल किया है, उसके बाद दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, सिक्किम ने दूसरा स्थान हासिल किया।
स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022

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