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खोनमोह (Khonmoh)

ancient animal spine skeleton in rocky terrain

Photo by Brett Sayles on Pexels.com

चर्चा में रहा जीवाश्मों से प्रचुर कश्मीर का खोनमोह गांव खनन गतिविधियों के कारण खतरे का सामना कर रहा है।

स्थल के बारे में

जबरवान पहाड़ी में अवस्थित खोनमोह गांव जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर जिले की उत्तरी तहसील श्रीनगर में है।

यहाँ ट्राइएसिक काल (Triassic Age) के नमूने पहली बार 1800 के दशक में ब्रिटिश भारत के एक सिविल सेवक सर वाल्टर लॉरेंस द्वारा खोजे गए थे।

§यहाँ के जीवाश्म बेड तब बने थे जब कश्मीर टेथिस सागर के नीचे डूबा हुआ था। इस साइट से पर्मियन-ट्राएसिक विलुप्ति (Permian-Triassic extinction event) की घटना का भी प्रमाण मिलता है, जिसे ग्रेट डाइंग (Great Dying) के रूप में भी जाना जाता है, जो लगभग 252 मिलियन वर्ष पहले हुआ था, जब धरती से 70% से 90% वनस्पतियों और जीवों का अंत हो गया था।

विलुप्ति का संभावित कारण

जब भारतीय प्लेट उत्तर की ओर यूरेशियन प्लेट की ओर गतिशील थी और हिमालय का निर्माण हो रहा था, तब भूमि के ऊपर उठने से पानी का स्तर कम हुआ एवं समुद्र में ऑक्सीजन की कमी हो गयी [Ocean Anoxia (Absence of Oxygen)] जिससे बड़े पैमाने पर जलीय जीवों की मृत्यु हुई।

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