चर्चा में क्यों: हाल ही में, नागालैंड के कोहिमा से 12 किलोमीटर दूर हेरिटेज गांव किसामामें 10 दिवसीय 22वें हॉर्नबिल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
यह महोत्सव नागालैंड की समृद्ध संस्कृति एवं जीवन शैली को प्रस्तुत करता है, जिसके माध्यम से लोक नृत्यों, पारंपरिक संगीत, आदिवासी अनुष्ठानों एवं विविधतापूर्ण नागा संस्कृति को प्रदर्शित किया जाता है।
इस महोत्सव को ‘त्योहारों का त्योहार’ भी कहा जाता है, जो नागालैंड की 17 जनजातियों द्वारा मिलकर मनाया जाता है।
इस उत्सव का नाम हॉर्नबिल पक्षी के नाम पर रखा गया है, जो नागा जनजातियों की संस्कृति और लोककथाओं में एक महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे भारत में धनेश पक्षी के नाम से भी जाना जाता है।
भारत में हॉर्नबिल पक्षी की कुल नौ प्रजातियों का निवास हैं, जो भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों के साथ-साथ पश्चिमी घाट एवं अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के नारकोंडम द्वीप पर पाई जाती है।

